ऐसा कहते हैं कि

कहते हैं कि पहाड़ों के आगे, समंदर किनारे, एक कहानियों का शहर बसता है कोई। जहाँ सभी लोग खुश हैं, हँसते खेलते रहते हैं हर वक़्त। वहाँ का राजा भी नाचता है हलवाई की दूकान पर, और ढेर सारी जलेबियां खा जाता है। जलपरियाँ घूमती है बाज़ार में हो बेफिकरा, वो क्या है मोन्टी भेड़िया […]

Your Childhood

Knock knock! Who’s there? “Your childhood” My childhood who? The little kid playing hide and seek, Hiding behind the curtains, With toes poking out in serendipity. Fighting for the last bite of the cake, With the chocolate syrup all over my face. With a glass of orange juice in one hand, And pockets full of […]

तमाशा

आज होने दो तमाशा मेरी ज़िन्दगी का, मैंने भी कुर्सी पर बैठ, तालियां बहुत बजायी है। थोड़ा तुम भी हस लो, मेरी मजबूरी पर। मेरे आँसुओं को देख, खुल कर ठहाके भी लगाना। थोड़ा खेल लेना बचपन में मेरे, थोड़ा जवानी में दौड़ भी लगाना। थोड़ा घूम लेना दुनिया भी, फिर बुढ़ापे में बच्चो को […]

गुमनाम बचपन

वो हर रोज़ सुबह से पहले जाग जाता है, रात में ठंड से काँपता हुआ, सारी रात सितारो को निहारता है। फुटपाथ की बिस्तर पर, असामान के ख़्वाब पालता है। वो भी बचपन है शायद, या बचपन की भीख मांगता है। आपने भी शायद देखा होगा उसे, आपकी गाड़ियों के पीछे भागता हुआ, दो रुपये […]

बचपन

आज सुबह जब मैं उठा, तो कुछ आवाज़े आ रही थी बाहर से, जैसे कोई रो रहा था। बाहर जाकर देखा तो पता चला, मेरा बचपन कबाड़ी में नीलाम हो रहा था। वो खिलौने वाली गाड़ी जो मिली थी पहले जन्मदिन पर, वो किताबें जिन्होंने जीना सिखाया था। वो चाभी भरने पर नाचने वाला भालू, […]

फिल्में

अजीब सा खेल है इन फिल्मों का, चन्द घंटो में ही कई ख़्वाब दिखा देती है। किरदारों में दिखने लगते है अपने चेहरे, कहानियों में अपनी ज़िन्दगी दिखा देती है। आंसू छलक जाते है कभी, कभी लबो पर वो मुस्कान लाती। कभी यादों के उन स्याह पन्नो से, उस अधूरे इश्क का दीदार करा देती […]

सफ़र

सफ़र काफी लंबा था शायद, जो मंज़िल के ज़िक्र से ही रास्ते थम गए। अभी तो बस दो कदम ही चले थे, ये जूते न जाने क्यों घिस गए। सूरज भी मानो उफान पे था आज, हम छांव ढूंढते रहे। फिसल गए कई बार, कई बार तो मुंह के बल गिरे। पर ये दिल तो […]